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Seed the World (STW) is a nonprofit foundation. It was founded on the belief that individuals can make a difference in the global village by helping others help themselves to obtain essentials such as food, shelter and education.

Wise Stories

Wise Stories

Once, it so happened that Lord Krishna was standing in front of the mirror decorating himself. He was trying on different crowns on his head and putting on some fine jewelry while his charioteer waited outside with the chariot ready. His charioteer waited and waited and thought to himself – usually, Krishna comes immediately, today he has still not come. So, out of curiosity, he went inside to find out if the program was still on because Krishna was very unpredictable, anytime anything could change. So, the charioteer goes inside and he sees Lord Krishna standing in front of the mirror admiring himself.


He politely asked, “My dear Lord, tell me, why are you dressing up so much today. Where are we going?”
Lord Krishna said, “I am going to meet Duryodhana.”


The charioteer said, “You are dressing up so much to meet Duryodhana?”
Lord Krishna then said, “He cannot see my inside, he can only appreciate my outside. So how I am dressed will impress him because he cannot see my inside.”


Then the charioteer said, “You are going to Duryodhana? You should not go, he should come to you. This I cannot accept.” He continued to say, “This is not fair. Look at your status and look at him! You are the Lord of the world. You should not go, let him come.”


Krishna turned back, looked at him, smiled and said,
“Darkness does not come to light, light has to go to darkness.”


 *May Deepavali illumine us from within.*

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धर्मबीज जनवरी 2019

धर्मो रक्षति रक्षितः

छत्रपति शिवाजी महाराज

दासता की जंजीरों को तोड़नेवाले, मुगलों और दख्खन के राजाओं को चुनौती देनेवाले सोलहवीं शती के महान राजा थे - छत्रपति शिवाजी महाराज।

उस समय का वातावरण कैसा था, यह देखना आवश्यक है। पूरे उत्तर भारत में मुगलों का शासन था। औरंगजेब जैसा राजा दिल्ली के तख्त पर था। दक्षिण में निजामशाही थी। हिन्दू धर्म खतरे में था। छोटे-बड़े हिन्दू राजा, सेनापति जो अपना पराक्रम, शौर्य मुगलों के लिए खर्च करते थे। ऐसे समय पर 15 वर्षीय बालक शिवाजी सामान्य परिवारों के अपने मित्रों के साथ हिंदवी स्वराज्य की स्थापना का शपथ लेते हैं। न उनके पास धन है, न उनके पास प्रशिक्षित सैनिक, न हाथी न घोड़े। फिर भी उनके पास क्या था जिसके भरोसे उन्होंने हिंदवी स्वराज्य स्थापित करने का प्रण किया। बालक शिवाजी के पास था उनका साहस और उनकी माता जिजाबाई के संस्कार। उसी विचारों से शिवाजी महाराज ने सामान्य प्रजा में चेतना जगाई। लोग इस युवा राजा को देवता की तरह मानते थे। आज भी मानते हैं और सदा मानते रहेंगे ऐसा उनका कार्य था। जिस तरह वनवास काल में भगवान श्री राम ने सामान्य से लगने वाले वानर सेना को साथ लेकर लंका के रावण पर विजय प्राप्त की, उसी तरह गरीब-परिश्रमी लोगों के सहयोग से शिवाजी महाराज ने मुगलों की लंका ध्वस्त कर दी।

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धर्मबीज अक्टूबर 2018

वेद : आध्यात्मिक सत्यों का संचित कोष
 

हिन्दू जाति ने अपना धर्म श्रुति-वेदों से प्राप्त किया है। उसकी धारणा हैं कि वेद अनादि और अनन्त हैं। ...सम्भव है, यब बात हास्यास्पद लगे कि कोई पुस्तक अनादि और अनन्त कैसे हो सकती है। किन्तु वेदों का अर्थ कोई पुस्तक है ही नहीं। वेदों का अर्थ है, भिन्न-भिन्न कालों में भिन्न-भिन्न व्यक्तियों द्वारा आविष्कृत आध्यात्मिक सत्यों का संचित कोष। जिस प्रकार गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत मनुष्यों के पता लगने से पूर्व भी अपना काम करता चला आया था और आज यदि मनुष्य-जाति उसे भूल जाए, तो भी वह नीयम अपना काम करता ही रहेगा, ठीक वही बात आध्यात्मिक जगत् का शासन करनेवाले नियमों के सम्बन्ध में भी है। एक आत्मा का दूसरी आत्मा के साथ और जीवात्मा का आत्माओं के परम पिता के साथ जो नैतिक तथा आध्यात्मिक सम्बन्ध हैं, वे उनके आविष्कार के पूर्व भी थे, और हम यदि उन्हें भूल भी जाएं, तो भी बने रहेंगे।

- स्वामी विवेकानन्द

हिन्दू धर्म पर निबंध (19 सितम्बर, 1893 को शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मलेन में स्वामीजी द्वारा पठित)


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उत्सरति इति उत्सवः (उत्सव वही जो हमें उन्नत करें)


माँ दुर्गा के नौ रूपों के पूजन का पर्व है नवरात्रि


आश्विन मास में शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से प्रारम्भ होकर नौ दिन तक चलने वाला नवरात्रि शारदीय नवरात्रि कही जाती है। शारदीय नवरात्रि में दिन छोटे होने लगते हैं और रात्रि बड़ी। कहा जाता है कि ऋतुओं के परिवर्तन काल का असर मानव जीवन पर नहीं पड़े इसीलिए साधना के बहाने ऋषि-मुनियों ने इन नौ दिनों में उपवास का विधान किया था। नवरात्रि का समापन विजयादशमी के साथ होता है।

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COLONIAlIZAM 2.0

According to their website tellingly called http://www.trust.org, the Reuters Foundation is “the philanthropic arm of Thomson Reuters, the world’s biggest news and information provider” and “a source of unbiased thought leadership” and the founder of Reuters Institute at Oxford University. Therefore, when on June 26, they released the results of their “perception poll” about the “world’s most dangerous countries in the world for women in 2018,” the world took notice. Some 550 aid and development professionals, academics, health workers, policymakers, NGO workers, journalists, and social commentators (though it is not clear what competence if any they had in the subject), were asked to “to name the five most dangerous countries from the 193 United Nations member states”. The result was stunning. As the president of Reuters Foundation, Dominique Villa, put it bluntly: “India is now the most dangerous country for women to live in.” She claimed that this is backed by official statistics that show there is a rape in India every 20 minutes and that the government policy in this regard has been largely ineffectual. The website adds: “As India’s rape epidemic gets worse by the year, critics have pointed fingers at Prime Minister Narendra Modi’s government for not doing enough to protect women.”

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Inspiring Greek Quote

In India I found a race of mortals living upon the Earth, but not adhering to it. Inhabiting cities, but not being fixed to them, possessing everything but possessed by nothing., -- Appolonius of Tiana, Greek philosopher

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